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डॉ० कफील खान का देश की जनता के नाम भावुक संदेश। सरकार से पुछा क्या मैं पेशेवर अपराधी हुँ?

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बी० आर० डी० अस्पताल के पुर्व डॉक्टर कफील खान ने देश की जनता के नाम भावुक संदेश लिखते हुए सरकार से पुछा है कि मेरे रिहा होने से Law & Order कैसे टुटेगा? क्या मैं पेशेवर अपराधी हुँ? उन्होने सरकार से कहा कि अगर मैं रिहा होता तो Law & Order तोड़ने की जगह बिहार, असम और केरल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ के कारण फैली बिमारी में लोगों की मदद कर रहा होता।

ज्ञात हो कि डॉ० कफील खान पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रासुका लगा रखा है और ईलाहाबाद उच्य न्यायालय में अंतरिम सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि अगर डॉ० कफील खान को रिहा किया गया तो कानुन व्यवस्था खराब हो जाएगी। वहीं ईलाहाबाद उच्य न्यायालय ने डॉ० खान को CAA NRC विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जमानत देने से इंकार कर दिया था, कल यानी 27 अगस्त को ईलाहाबाद उच्य न्यायालय में डॉ० कफील खान पर लगाए गए रासुका पर सुनवाई है।


डॉ० कफील खान ने अपने संदेश में देश की जनता से कहा कि सरकार कहती है कि मेरी रिहाई होने से प्रदेश में कानुन व्यवस्था बिगड़ जाएगी। उन्होने सरकार से सवाल किया कि क्यों मैं क्यों कानुन व्यवस्था तोड़ुँगा? क्या मैं अपराधी हुँ? अरे उल्टे मैं रिहा होता तो सबसे पहले बिहार, असम और केरल का रुख करता क्योंकि वहाँ बाढ़ के बाद जो तबाही हुई है और उसके बाद जो महामारी फैलने का खतरा है उसमें लोगों की मदद एक डॉक्टर एक सच्चे देशभक़्त की तरह जैसे करता आया हुँ वैसे ही करता। कोरोना वारियर्स बन कर कोरोना महामारी को रोकने में मदद करता, रिसर्च करता शायद कोई नई दवा, नया ईलाज खोजने में सरकार की मदद करता।




BRD मेडिकल कॉलेज त्रास्दी को भी इस अगस्त में 3 साल हो गए, बच्चों की जान बचाने में जो ज़िन्दगी मैने लगाई, सरकार के राजहठ ने मेरी उसी ज़िन्दगी को मेरे बच्चों से अलग कर दिया है। जेल की खामोश दीवारों के पीछे मेरा दिल अपनी पत्नी, माँ और बच्चों के लिए तड़पता रहता है, न सही से खाया जाता है ना सही से सोया जाता है, बस दिल करता है उनको गले लगा कर खुब रोऊँ। अपनी बिटिया और बेटा जो सुना है अब चलने लगा है बोलने लगा है उन्हे सीने से लगा कर बिलख बिलख कर रोऊँ, दिल करता है माँ की गोद में एक शुकुन की नींद ले लुँ, भाई बहनों को गले लगा कर घंटों सीने से लगाए रखुँ।

ज़िन्दगी किस तरह का इम्तेहान ले रही है, जब बाहर था तो मेडिकल कैम्प और बच्चों की सेवा में अपने बच्चों से दुर रहा और अब जब से यह सरकार आई है बार बार मुझे मनगढ़त, बेसलेस और झूठे केस बनाकर जेल में सड़ाती है परेशान करती है। इसे तो मैं राजहठ भी नही कहुँगा बल्कि वाल्मिकी जी ने कहा है यह बालहठ है।

अपनी पत्नी और उनके ढ़ृढ़ संकल्प की तारीफ करते हुए डॉ० कफील खान ने लिखा कि मेरी Wife बहुत स्ट्राँग है, 5 साल मेरी शादी को हो गए और उनमें से 2½ साल मैने उससे दुर जेल
मेें रहा पर वह मेेेरे साथ खड़ी है। मेरे परिवार को आर्थिक रुप से बर्बाद कर दिया गया, भाई पर हमला हुआ, बड़े भाई का व्यवसाय बर्बाद कर दिया गया, क्यों? किसलिए? किस बात का डर है मुझसे इस सरकार को? मैने ऐसा क्या कर दिया कि मुझ पर National Security Act लगा दिया गया? अंत में डॉ० कफील खान ने अपने चाहने वालों का शुक्रिया अदा  करते हुए कहा कि बस आप सब का साथ देेेने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, उम्मीद करता हुँ राजा अपनी हठ छोड़ कर मुझे देश सेवा का अवसर देंगें। उम्मीद करता हुँ मैं अपनी बच्ची का Birthday इस बार Attend कर पाऊँगा। Jai Hind

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