सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जानिए "मन की बात" कार्यक्रम पर एक दिन में कितना खर्च होता है? और इससे होने वाली कमाई किसे मिलती है?

जानिए "मन की बात" कार्यक्रम पर एक दिन में कितना खर्च होता है? और इससे होने वाली कमाई किसे मिलती है?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 03 अक्टुबर 2014 को आकाशवानी यानी कि ऑल इंडिया रेडियो पर " मन की बात " कार्यक्रम की शुरुआत की थी। तब से लेकर आज तक यह कार्यक्रम हर महीने आयोजित किया जाता है जिसका सीधा प्रसारण आकाशवानी, डीडी नेशनल और डीडी न्युज़ पर किया जाता है।

Mann ki Baat @ Desh Rakshak News

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी


अगर आप जानना चाहते हैं कि मन की बात कार्यक्रम पर एक दिन में कितना खर्च होता है और इससे होने वाली कमाई किसे मिलती है? तो आप बिल्कुल सही जगह पर तलाश कर रहे हैं इस पोस्ट में देश रक्षक न्युज़ पर आप जानेगे कि मन की बात कार्यक्रम पर एक दिन में कितना खर्च होता है और इससे होने वाली कमाई किसे मिलती है?

सबसे पहले हम आप को मन की बात कार्यक्रम से जुड़ी कुछ अहम जानकारी दे देते हैं, मन की बात कार्यक्रम 03 अक्टुबर 2014 से शुरु हुआ था तब से लेकर आज तक यह कार्यक्रम हर महीने आयोजित किया जाता रहा है और समाचार लिखे जाने तक इस कार्यक्रम का 69वाँ एपिसोड 27 सितम्बर 2020 को प्रसारित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिन्दी भाषा में देश के लोगों को संबोधित करते हैं लेकिन इसका अनुवाद अँग्रेजी, ऊर्दु, असमी, बंगाली, बोडो, पंजाबी, कश्मीरी, मलयालम, तमिल, तेलुगु, मराठी, नेपाली सहित 30 अन्य भारतीय भाषा में भी प्रसारित किया जाता है।

कोरोना संक्रमण के बीच मन की बात कार्यक्रम का 68वाँ एपिसोड जो 30 अगस्त 2020 को प्रसारित किया गया था बहुत विवादित रहा, इस कार्यक्रम को जब भारतीय जनता पार्टी ने अपने ऑफिसियल युट्युब चैनल पर प्रसारित किया तो पहले 24 घंटे में ही इस कार्यक्रम को 5 लाख से ज़्यादा डिसलाईक मिले लोगों ने आरोप लगाया कि कोरोना संक्रमण के बीच JEE और NEET की परीक्षा आयोजित करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ नही कहा और मूल मुद्दों से हटकर यहाँ वहाँ की बातें की।

अब बात करते हैं इस कार्यक्रम के एक दिन के खर्च की तो इस कार्यक्रम के एक दिन के खर्च की जानकारी से जुड़ी एक RTI अनिल गलगाली ने Information and Broadcasting Ministry में डाली थी जिसके जवाब में मंत्रालय ने 2015 में बताया था कि इस कार्यक्रम के एक दिन का खर्च ₹ 8.30 करोड़ है।

वहीं अगर बात की जाए मन की बात कार्यक्रम से होने वाली कमाई किसे मिलती है तो इसका जवाब है आकाशवानी यानी ऑल इंडिया रेडियो क्योंकि संसद में एक सवाल के जवाब में बताया गया था कि मन की बात कार्यक्रम से 2016-17 और 2017-18 में आकाशवानी को 10 करोड़ रुपए की कमाई हुई। वहीं एक अन्य आँकड़े के अनुसार मन की बात कार्यक्रम से होने वाली कमाई से ज़्यादा मन की बात कार्यक्रम के प्रचार प्रसार पर खर्च किया जाता है, मतलब आमदनी ज़ीरो बचा सन्नाटा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नि से मुलाकात करने पर क्यों ट्रोल किए जा रहे हैं आमिर खान? क्या है पुरा मामला जानिए यहाँ!

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं, वजह है उनकी अपकमिंग फिल्म "लाल सिंह चड्डा" जिसकी सुटिंग इन दिनों तुर्की में हो रही है। गौरतलब हो कि आमिर खान की अपकमिंग फिल्म लाल सिंह चड्डा की कुछ सुटिंग भारत में पुरी हो चुकी है लेकिन कोरोना संकट के बढ़ते प्रभाव के कारण फिल्म की सुटिंग बीच में ही बन्द कर दी गई थी और लगभग 5 महीने के बाद इसकी सुटिंग दुबारा से तुर्की में शुरु की है। लेकिन आमिर खान को ट्रोल किए जाने की वजह से फिल्म या इस फिल्म का तुर्की में सुट किया जाना नही है, बल्कि विवाद इस बात पर है कि आमिर खान तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोगान की पत्नि से क्यों मिलें? गौरतलब है कि तुर्की की प्रथम महिला तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोगान की पत्नि एमिन एर्दोगान ने ट्विटर पर ट्विट करते हुए आमिर खान से मुलाकात की बात कही थी। https://twitter.com/EmineErdogan/status/1294684499075366913?s=20 जब ये ट्विट भारत के लोगों तक पहुँचा तो भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को इस बात से आपत्ती होने लगी की आमिर खान ने एमिन एर्दोगान से मुलाकात क्यों की? और सोशल मिडिया पर उन्ह...

डॉ० कफील खान की रिहाई पर ईलाहाबाद उच्य न्यायालय में अंतरिम सुनवाई कल, परिवार वालों ने दुआ की अपील की।

 गोरखपुर के बी० आर० डी० अस्पताल के पुर्व डॉक्टर कफील खान इन दोनो रासुका यानि राष्ट्रीय सुरक्षा कानुन के तहत जेल में बंद हैं, उन पर CAA और NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उन के दिए भाषण के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रासुका लगा रखा है और बीते दिनों डॉ० कफील पर लगाए गए रासुका की अवधी 3 महीनों के लिए और बढ़ा दी गई थी। डॉ० कफील खान के परिवार या दोस्तों ने उनके फेसबुक अकाउण्ट से पोस्ट करते हुए अंतरिम सुनवाई की जानकारी दी और साथ ही डॉ० कफील के चाहने वालों से साथ देने के अलावा दुआ/प्रार्थना करने की भी अपील की है। राजनितिक दुर्भावना से लगाए गए NSA की पीड़ा को मैं बखुबी समझता हुँ- भीम आर्मी चीफ गौरतलब है कि डॉ० कफील खान की रिहाई के लिए सोशल मिडिया से लेकर सड़क तक लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है, भारतीय इंसान पार्टी, समाजवादी पार्टी, काँग्रेस सहित कई छोटी बड़ी पार्टी ने डॉ० कफील की रिहाई की माँग की है, वहीं सोशल मिडिया पर डॉ० खान की रिहाई के लिए कई हैशटैग के साथ लगातार विरोध किया जा रहा है और उनकी रिहाई की माँग की जा रही है। आपको बताता चलुँ कि काँग्रेस की तरफ से प्रियंका...

राजनितिक दुर्भावना से लगाए गए NSA की पीड़ा को मैं बखुबी समझता हुँ- भीम आर्मी चीफ

 उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजनितिक दुर्भावना से बार बार NSA का गलत इस्तेमाल किए जाने से भीम आर्मी चीफ और आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण ( चंद्रशेखर आज़ाद) ने नाराज़गी जाहीर की है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गोरखपुर के बी० आर० डी० अस्पताल के पुर्व डॉक्टर कफील खान की NSA की अवधी 3 महीने के लिए और बढ़ा दी है। डॉ० कफील खान पर NSA की अवधी बढ़ाए जाने से उत्तर प्रदेश के साथ साथ पुरे देश के लोगों में रोष व्याप्त है और सोशल मिडिया के माध्यम से लोग लगातार सरकार से नाराज़गी जताते हुए डॉ० कफील की रिहाई की माँग सरकार से कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रियंका गाँधी ने भी योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर डॉ० कफील को रिहा किए जाने की माँग की थी। भीम आर्मी चीफ और आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण की नाराज़गी के पीछे उनका खुद का अनुभव भी शामिल है मालुम हो कि भीम आर्मी के शुरुआती दिनों में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने चंद्रशेखर रावण पर भी NSA लगा कर उन्हे करीब 1 साल तक जेल में बंद रखा था। चंद्रशेखर रावण ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्विट करते ...