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बिहार के हाजीपुर में किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बन्द का दिखा असर! महागठबंधन ने भी दिखाई एकजुटता।
बिहार के हाजीपुर में किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बन्द का दिखा असर! महागठबंधन ने भी दिखाई एकजुटता।
बिहार: केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृृषि कानुनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बन्द का बिहार के हाजीपुर में दिखा असर, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के साथ साथ महागठबंधन ने भी भारत बन्द में अपनी एकजुटता दिखाई, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के एक नेता ने देश रक्षक न्युज़ को दिए इंटरव्यु में कहा कि जब तक केन्द्र सरकार कृृषि कानुनों को वापस नही लेती तब तक ये आन्दोलन बन्द नही होगा और चरणबद्ध तरीके से किसान आन्दोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं महागठबंधन की ओर से राजद नेता वाएजुल हक ने केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृृषि कानुनों को काला कानुन बताते हुए केन्द्र सरकार से इसे तुरन्त वापस लेने की माँग की, एक अन्य राजद नेता ने इन कानुनों को अम्बानी और अडानी का कानुन बताते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने अम्बानी और अडानी को फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से कृृषि कानुनों को पारित करवाया है।
वहीं भारत बन्द का असर बिहार के हाजीपुर में देखने को मिला, कुछ एक दुकानों को छोड़ कर ज़्यादातर दुकाने बन्द हैं, ऑटो, रिक्सा सहित अन्य सभी बड़ी गाड़ियों का परिचालन लगभग बन्द है, ऑटो स्टैन्ड सुनसान दिखा, वहीं एम्बुलेंस की बात की जाए तो महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता एम्बुलेंस को रास्ता देते दिखाई पड़े।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा सितम्बर में तीन कृृषि कानुनों को संसद में पारित करवाया गया था तब से ही पंजाब और हरियाणा के किसान आन्दोलन कर रहे हैं और अब यह आन्दोलन राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच चुका है, दिल्ली की लगभग सभी सीमा पर किसान आन्दोलन कर रहे हैं और आज किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बन्द का बिहार के लगभग सभी विपक्षी दलों ने समर्थन किया है।
Kanya Utthan Yojana Bihar
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